मुझे विस्वास है कि आज के दिन अपने भाग्य निर्माता हम स्वम है, कि जो कार्य हमे सोंपा गया है वह हमारि शक्ति से अधिक नहि है; कि इसको कर्ने से जो कष्ट आयेंगे या जो श्रम करना पड़ेगा वह मेरि सहन शक्ति से परे नहि है । जब तक हमे लक्ष्य मे और जितने कि अजेय इच्छा - शक्ति मे विस्वास है, हमे विजय अवश्य मिलेगी । -- विंस्टन चर्चिल
No comments:
Post a Comment